बनमाकड़ी लैम्पस में धान खरीद में घोटाले का आरोप, डीएसओ ने की सीलिंग की बड़ी कार्रवाई
Gurabanda: पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा प्रखंड अंतर्गत बनमाकड़ी लैम्पस में धान खरीद को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। अनियमितता और कागजी हेराफेरी की गंभीर शिकायतों के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए लैम्पस को सील कर दिया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब प्रखंड प्रमुख शुभोजीत मुंडा और उप प्रमुख रतन लाल राउत ने लैम्पस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं। प्रमुख के अनुसार, उद्घाटन के दिन वास्तविक रूप से लगभग 800 क्विंटल धान की खरीद हुई थी, जबकि प्रखंड कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में 3418 क्विंटल खरीद दर्ज की गई। आंकड़ों में यह भारी अंतर सीधे तौर पर बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।
जनप्रतिनिधियों ने इस गड़बड़ी के लिए लैम्पस संचालक जवाहरलाल बारिक और उनके पुत्र सह कंप्यूटर ऑपरेटर जयंत बारिक को जिम्मेदार ठहराते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आरोप है कि असली किसानों के बजाय फर्जी किसान आईडी के माध्यम से धान खरीद का रिकॉर्ड तैयार किया गया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी जब मुढ़ाठाकरा स्थित लैम्पस की जांच करने पहुंचे थे, तब जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर वे बनमाकड़ी भी पहुंचे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी एक स्वर में शिकायत करते हुए बताया कि वास्तविक किसानों से धान की खरीद नहीं की जा रही थी। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के आक्रोश तथा स्पष्ट अनियमितताओं को देखते हुए डीएसओ ने मौके पर ही लैम्पस को सील कर दिया। साथ ही धान खरीद से संबंधित सभी रजिस्टरों को जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब जब्त दस्तावेजों की गहन जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।






























