पटमदा के माकुला गांव में पुश्तैनी जमीन बचाने को लेकर बढ़ी चिंता, जेएलकेएम ने दिया सहयोग का भरोसा
Patamda: पटमदा प्रखंड के माकुला गांव में पुश्तैनी जमीन से बेदखल किए जाने की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता और दहशत का माहौल है। इस मामले में पूर्व में ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर सोमवार को जेएलकेएम का एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।
बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि वे करीब सौ वर्षों से संबंधित भूमि पर शांतिपूर्वक और निर्विवाद रूप से खेती-बाड़ी करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि अब कुछ बाहरी पूंजीपतियों की नजर इस जमीन पर पड़ गई है और खतियानी रैयतों को बेदखल कर जमीन बेचने की साजिश रची जा रही है। इसे लेकर पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद जेएलकेएम के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि पार्टी उनकी पुश्तैनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर उनके साथ खड़ी रहेगी। बैठक का नेतृत्व पार्टी के जिला कार्यकारिणी सदस्य निर्मल महतो ने किया।
ग्रामीणों की ओर से आषाढ़ सिंह सरदार, हरि राम सिंह सरदार, फनी भूषण सिंह सरदार, भास्कर महतो, छुटु सिंह सरदार, तेलु सिंह सरदार, शंकर सिंह सरदार, जागरण सिंह सरदार और राजीव सिंह सरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पार्टी की ओर से देवव्रत महतो, फनी महतो, सुब्रत महतो, मृत्युंजय महतो, अनिल बास्के, श्याम सुंदर महतो, कृष्ण सहिस, साहेब राम महतो, अंकुर महतो, प्रवीर महतो व भैरव महतो आदि उपस्थित रहे।



