डेढ़ माह में परिवार को मिली दूसरी बड़ी सफलता: पहले भाई अर्णव ने इंजीनियरिंग, अब बहन सुप्रीति ने मेडिकल में लहराया परचम
सामरजोबड़ा के भाई-बहन ने देश की दो सबसे कठिन परीक्षाओं में हासिल की शानदार सफलता, पटमदा का बढ़ाया मान
Patamda : पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड अंतर्गत पश्चिम बंगाल सीमा से सटे सामरजोबड़ा गांव के महतो परिवार में डेढ़ माह के भीतर दूसरी बड़ी खुशखबरी आई है। एक जून को बड़े बेटे अर्णव कुमार महतो ने जेईई एडवांस्ड-2026 में शानदार सफलता हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया था, वहीं अब बेटी सुप्रीति महतो ने नीट यूजी-2026 में 720 में 639 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2366 तथा ओबीसी श्रेणी में 860वीं रैंक हासिल कर परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया है। देश की दो सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रवेश परीक्षाओं में भाई-बहन की लगातार मिली सफलता से पूरे पटमदा क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर दोनों भाई-बहन ने जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, वह क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।
सुप्रीति महतो, झामुमो के पूर्व पटमदा प्रखंड अध्यक्ष स्वर्गीय अश्विनी कुमार महतो एवं वर्ष 2010 में जिला परिषद का चुनाव लड़ चुकीं कोकिला महतो की पुत्री हैं। उनकी सफलता पर शिक्षकों और ग्रामीणों ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उल्लेखनीय है कि सुप्रीति के बड़े भाई अर्णव कुमार महतो ने 1 जून को घोषित जेईई एडवांस्ड-2026 के परिणाम में अपने पहले ही प्रयास में 174 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 2851 तथा ओबीसी-एनसीएल रैंक 560 हासिल की थी। अर्णव ने वर्ष 2023 की मैट्रिक परीक्षा में 98 प्रतिशत तथा वर्ष 2025 की इंटरमीडिएट परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम, नियमित अध्ययन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया था।
अब डेढ़ माह के भीतर सुप्रीति की नीट में शानदार सफलता ने इस परिवार को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाई है। एक ही परिवार के बेटे का इंजीनियरिंग और बेटी का मेडिकल के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना न केवल परिवार बल्कि पूरे पटमदा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है। ग्रामीणों का मानना है कि दोनों भाई-बहन की सफलता यह साबित करती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।


