सरकारी उपेक्षा के शिकार ग्रामीणों ने खुद ही श्रमदान कर बनाया लकड़ी का पुल
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Patamda: बरसात के मौसम में करीब 4 महीने तक दो गांवों के बीच संपर्क कट जाता है और गांव के स्कूलों में आने वाले शिक्षक, बच्चे, चिकित्सक एवं आम ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय विधायक से ग्रामीणों द्वारा कई बार मांग करने के बावजूद जब पुल का निर्माण नहीं हुआ तो सरकारी उपेक्षा के शिकार ग्रामीणों ने खुद ही श्रमदान कर पुल का निर्माण कर दिया। यह स्थान है पूर्वी सिंहभूम जिले के जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पटमदा प्रखंड के घोर नक्सल प्रभावित गोबरघुसी पंचायत के बाटालुका एवं आमदापाहाड़ी गांव के बीच का नाला।
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यहां पिछले कई दिनों की लगातार मेहनत के बाद रविवार को पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। इसमें ग्रामीणों ने बांस एवं लकड़ी का उपयोग किया और अब इस पर पैदल एवं दुपहिया वाहनों से लोग आवागमन कर सकेंगे। श्रमदान करने वालों में मुख्य रूप से सेलू सोरेन, हेरोद सोरेन, हाराधन सोरेन, किस्टो सिंह, महेश मुर्मू, मुकेश सिंह, मोतीलाल सिंह व विकास सिंह समेत करीब 60 लोग शामिल थे।