गांव की खुशहाली की कामना के साथ सारजमली व बारुडीह समेत कई गांवों में सरहुल पूजा, पारंपरिक नृत्य बना आकर्षण का केंद्र

Patamda: पटमदा प्रखंड की जोड़सा पंचायत अंतर्गत सारजमली गांव में चैत्र संक्रांति के अवसर पर सोलोआना कमेटी द्वारा पारंपरिक सरहुल पूजा का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। गांव की सुख-समृद्धि और शांति की कामना को लेकर आयोजित इस पूजा में करीब 50 परिवारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जाहेरस्थान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को लाया जागरण सिंह ने सहयोगी देवशरण सिंह, उकिल सिंह और महेंद्र सिंह के साथ विधिवत संपन्न कराया। मन्नतें पूरी होने पर ग्रामीणों ने बकरा, बत्तख, कबूतर एवं मुर्गियों की बलि चढ़ाई। पूजा के उपरांत कुंकडू गांव से आए कलाकारों की टीम ने पारंपरिक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर देर शाम तक महिलाओं का नृत्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

ग्रामीण चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि यह पूजा पूर्वजों की परंपरा है, जिसे वर्षों से हर साल इसी दिन विधि-विधान के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर चंद्रमोहन सिंह, कालीराम सिंह, दिलीप सिंह, भवतारण सिंह, रमानाथ सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। दूसरी ओर पटमदा के बारूडीह गांव स्थित जाहेरथान में मंगलवार को सरहुल पूजा का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूजा कार्यक्रम को सफल बनाने में लाया मितन सिंह, कुड़ाम लाया बलराम सिंह, भक्तरंजन भूमिज, हरिहर सिंह, चंदन सिंह, मदन सिंह, तरणि सिंह, नकुल सिंह, अनाथ सिंह, संतोष कर्मकार, शत्रुघ्न सिंह एवं हरिपद सिंह ने सराहनीय योगदान दिया।






























