चौका के वयोवृद्ध शिक्षाविद वीरेन्द्र बाबू का निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर
Chandil: राजकीय उच्च विद्यालय, चौका के पूर्व प्रधानाध्यापक एवं वयोवृद्ध शिक्षाविद वीरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ वीरेन्द्र बाबू का शनिवार सुबह निधन हो गया। 96 वर्ष की आयु में उन्होंने चौका स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे क्षेत्र के शिक्षा जगत एवं उनके पूर्व छात्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। वीरेन्द्र बाबू राजकीय उच्च विद्यालय, चौका के प्रमुख संस्थापक शिक्षकों में शामिल थे। उन्होंने जीवनभर इसी विद्यालय में अपनी सेवाएं दीं और वर्ष 1994 में प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए। अनुशासनप्रिय, शांत एवं शालीन व्यक्तित्व के धनी वीरेन्द्र बाबू विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच बेहद सम्मानित थे।
उनके निधन को शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके कई छात्र आज शिक्षक एवं विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं। परिवार के अनुसार, उनके दो पुत्र विजय कुमार सिंह एवं विनोद कुमार सिंह चौका में परिवार सहित रहते हैं तथा स्थानीय स्तर पर व्यवसाय से जुड़े हैं। उनका पैतृक गांव बिहार के भागलपुर जिले के मानिकपुर गांव में है, जहां शनिवार को पार्थिव शरीर ले जाया जाएगा और वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा। दिवंगत शिक्षाविद के निधन पर छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता शशांक शेखर ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वीरेन्द्र बाबू एक आदर्श शिक्षक और प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। वीरेन्द्र बाबू के निधन पर क्षेत्र के शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं पूर्व विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

