मनमानी बिजली कटौती से हाथीखेदा मंदिर के दुकानदार परेशान, हर सप्ताह हजारों का नुकसान
Patamda: हाथीखेदा मंदिर परिसर में लगातार हो रही बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है। नियमित विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण मंदिर परिसर में व्यवसाय करने वाले सैकड़ों दुकानदारों को हर सप्ताह हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बिजली रहने पर भी कम वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिसके कारण अधिकांश विद्युत उपकरण बंद रखने पड़ते हैं। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में व्यावसायिक उपभोक्ता होने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। गर्मी के मौसम में दुकानदार आइसक्रीम, ठंडे पेय पदार्थ, पानी की बोतलें, दूध तथा अन्य खाद्य सामग्री को फ्रिज में सुरक्षित रखते हैं। लेकिन शनिवार और रविवार को बार-बार बिजली बाधित होने से ये सामान खराब हो जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
दुकानदारों के अनुसार हल्की बारिश होने पर भी दिन-रात बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है, जबकि आसपास के गांवों में सामान्य रूप से बिजली उपलब्ध रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथीखेदा मंदिर क्षेत्र आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए रोजगार का प्रमुख केंद्र है। बामनी, बेलटांड़, भूला मोड़, लावजोड़ा समेत आसपास के हजारों ग्रामीण प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से यहां से रोजगार प्राप्त करते हैं। ऐसे में बिजली की समस्या न केवल दुकानदारों बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी प्रभावित कर रही है। दुकानदार निताई चंद्र गोराई ने बिजली विभाग एवं सरकार से मांग की है कि हाथीखेदा मंदिर क्षेत्र में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंदिर को जोड़ने वाली सड़कों की बदहाल स्थिति और अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए भी शीघ्र पहल की जाए, ताकि व्यवसायियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिल सके।



