गुड़ाबांदा में शिक्षा के मंदिर के सामने सज रही शराब की महफिल, मुख्यमंत्री के नशामुक्ति अभियान को चुनौती
Gurabanda: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश “नसों में जिंदगी दौड़ाएं, नशा नहीं” गुड़ाबांदा प्रखंड में बेअसर नजर आ रहा है। यहां बालिजुड़ी मध्य विद्यालय के ठीक सामने कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री और सेवन खुलेआम होने से मुख्यमंत्री के नशामुक्ति अभियान पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि यह गतिविधि शिक्षा के मंदिर के सामने संचालित हो रही है, जिससे स्कूली बच्चों के मानसिक और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय के समीप स्थित एक राशन दुकान की आड़ में कथित रूप से डुप्लीकेट और अवैध शराब बेची जा रही है। स्कूल परिसर के आसपास अक्सर शराब की खाली बोतलें बिखरी रहती हैं, जिन्हें रोजाना विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं देखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों के मन पर गलत प्रभाव पड़ रहा है और स्कूल का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े व्यक्ति का स्थानीय स्तर पर दबदबा है। इसी कारण कई अभिभावक और ग्रामीण खुलकर विरोध करने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए प्रशासन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
मामले की जानकारी मिलने पर गुड़ाबांदा थाना प्रभारी कुमार सुमित यादव ने कहा कि विद्यालय के आसपास शराब की बिक्री या सेवन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि राशन दुकान की आड़ में अवैध अथवा डुप्लीकेट शराब बेचे जाने की शिकायत सही पाई जाती है तो पुलिस जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है।



