हाथीखेदा मंदिर तक सभी पहुंच मार्ग जर्जर, श्रद्धालु और ग्रामीण परेशान

Patamda : बोड़ाम प्रखंड के लावजोड़ा स्थित कोल्हान क्षेत्र के प्रसिद्ध हाथीखेदा मंदिर तक जाने वाले सभी मार्ग इन दिनों अत्यंत जर्जर हो चुके हैं। खराब सड़कों के कारण यहां आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंदिर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर बारियादा तक सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी और कीचड़ से भरी हुई है। यही स्थिति लावजोड़ा अस्पताल तक जाने वाले एकमात्र रास्ते की भी है, जो बारिश के बाद और अधिक दयनीय हो जाती है।
जमशेदपुर से सातनाला रोड होते हुए मंदिर पहुंचने के लिए बांकादा से मंदिर तक जर्जर सड़क से गुजरना पड़ता है। वहीं छोटा बांगुड़दा से नामशोल होते हुए मंदिर तथा रसिकनगर, शुक्ला, मोहनपुर होते हुए भूला तक की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जो बदहाल व्यवस्था को देखकर क्षेत्र के विकास पर सवाल उठाते हैं।
स्थानीय मुखिया मंगल सिंह और पुजारी सह ग्राम प्रधान गिरिजा प्रसाद सिंह ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन खराब सड़कों के कारण उन्हें जोखिम उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि लावजोड़ा से बरियादा तक सड़क का निर्माण वर्ष 2014 में पीएमजीएसवाई योजना के तहत हुआ था, लेकिन उसके बाद से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि कई नेता, मंत्री, सांसद और विधायक समय-समय पर मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, इसके बावजूद सड़कों के सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।






























