मजदूरी की कमाई से गढ़ी अमर विरासत: लाखों खर्च कर बनवाई सिदो-कान्हू की प्रतिमा, हुआ भव्य अनावरण
Patamda: आज के दौर में जहां अधिकांश लोग अपनी कमाई का उपयोग व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं पर करते हैं, वहीं पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड के मुकरुडीह गांव की कौशल्या मुर्मू (टुडू) ने अपनी वर्षों की मेहनत की कमाई समाज और इतिहास के नाम समर्पित कर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। ईंट भट्ठा में मजदूरी कर जोड़ी गई जीवनभर की बचत से उन्होंने हूल क्रांति के महानायक वीर शहीद सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू की भव्य प्रतिमाओं के साथ उनके संरक्षण के लिए पक्के छतदार स्मारक का निर्माण कराया, जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है। सोशल मीडिया के दौर में कौशल्या मुर्मू की यह अनूठी पहल तेजी से लोगों तक पहुंच रही है। क्षेत्र ही नहीं, पड़ोसी जिलों और राज्यों में भी उनके देशप्रेम और समाज के प्रति समर्पण की चर्चा हो रही है।
संघर्षों से भरा जीवन, लेकिन समाज के लिए बड़ा संकल्प
कौशल्या मुर्मू का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। विवाह के कई वर्षों तक संतान नहीं होने पर उन्होंने स्वयं अपने पति की दूसरी शादी करा दी और अपने मायके लौट आईं। इसके बाद उन्होंने मजदूरी कर अपने माता-पिता की सेवा की। माता-पिता के निधन के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत की कमाई को बैंक में जमा करती रहीं। करीब एक वर्ष पूर्व उन्होंने यह संकल्प लिया कि उनकी जीवनभर की कमाई केवल उनके लिए नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। इसी सोच के साथ उन्होंने लगभग साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमाओं का निर्माण कराया और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत एवं आकर्षक पक्का छतदार स्मारक भी बनवाया। वह अंतिम सांस वीर शहीद सिदो -कान्हू के चरणों में ही लेना चाहती हैं।
गांव और समाज का मिला भरपूर सहयोग
इस कार्य में गांव के आनंद हांसदा ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। वहीं पूरे गांव तथा संताल समाज के लोगों ने कौशल्या मुर्मू का उत्साहवर्धन करते हुए इस ऐतिहासिक पहल में सहयोग दिया। हालांकि उन्होंने किसी से भी एक भी रुपया का सहयोग नहीं लिया।
सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुआ अनावरण
मंगलवार को आयोजित गरिमामय समारोह में प्रतिमाओं का विधिवत अनावरण किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद प्रतिनिधि माणिक चंद्र महतो, परगना कमलाकांत मुर्मू, मुखिया विनती हांसदा, शिक्षक हरिहर टुडू सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं संताल समाज के लोग उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन
गांव के मनसाराम हांसदा ने बताया कि प्रतिमा अनावरण के उपलक्ष्य में मंगलवार दोपहर से बुधवार सुबह तक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के बीच विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी, ताकि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और वीर शहीदों के आदर्शों से जोड़ने का संदेश दिया जा सके। कौशल्या मुर्मू की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि सच्ची देशभक्ति धन-दौलत से नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से जन्म लेती है। उनकी यह प्रेरणादायक पहल आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और महानायकों के सम्मान का संदेश देती रहेगी।




