जनप्रतिनिधि मौन, ग्रामीणों ने संभाली सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी
Patamda: पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड अंतर्गत काश्मार पंचायत के गोलकाटा गांव में जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही सड़क मरम्मत का जिम्मा उठाया। वर्षों से खराब सड़क और लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया था। सड़क के किनारे विद्यालय होने के कारण स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़क की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि दिनभर मजदूरी करने के बाद वे रविवार रात में श्रमदान कर सड़क की मरम्मत करने को मजबूर हुए। उनका कहना है कि यदि सड़क को केवल सरकारी पहल के भरोसे छोड़ दिया जाता, तो इसकी स्थिति और भी बदतर हो जाती तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती रहती। ग्रामीण राजेश कुम्भकार ने कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधियों को जनता की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश ग्रामीणों को अपने संसाधनों और श्रम से सड़क को दुरुस्त करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग, श्रमदान और स्वयं के खर्च से सड़क को चलने योग्य बनाया। इस कार्य में राजेश कुम्भकार, अनिरुद्ध कुम्भकार, सुधाकर कुम्भकार, बसुदेव कुम्भकार, सुरेश कुम्भकार, सुमित कुम्भकार, जयदेव कुम्भकार, कांचन कुम्भकार, नितीश महतो, प्रसेनजीत कुम्भकार, राकेश कुम्भकार, मुकेश कुम्भकार, हितेश कुम्भकार, कृतिवास कुम्भकार, वरुण कुम्भकार, रमेश कुम्भकार, कुंदन शुक्ला, स्वपन कुम्भकार, आदित्य कुम्भकार, रोहित कुम्भकार, शुभम कुम्भकार, आशीष कुम्भकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।




