त्रिवेणी अर्थ मूवर्स के मुद्दे पर पार्षद प्रतिनिधि और मुखिया ने संभाला मोर्चा, कंपनी बंद कराने के प्रयास का विरोध
कंपनी को बंद कराने का प्रयास सफल नहीं होने देंगे : पिंटू दत्ता
Jamshedpur : एनएच-33 के किनारे भिलाईपहाड़ी में संचालित त्रिवेणी अर्थ मूवर्स एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच स्थानीय जिला पार्षद प्रतिनिधि सह झामुमो नेता पिंटू दत्ता ने कंपनी बंद होने की स्थिति में स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है। शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोगों द्वारा कंपनी पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए और कंपनी के साथ-साथ स्थानीय मजदूरों के हितों का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। पिंटू दत्ता ने कहा कि कंपनी से बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है तथा स्थानीय सैकड़ों मजदूर यहां काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके अनुसार, पूर्व में धरना-प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें सकारात्मक सहमति बनी थी। इसके बावजूद दोबारा धरना-प्रदर्शन के जरिए कंपनी पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू करने से पहले ग्राम प्रधान और जिला पार्षद से चर्चा नहीं की गई। पिंटू दत्ता ने पूर्व में घड़ी डिटर्जेंट कंपनी के क्षेत्र से चले जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि उसके बाद बड़ी संख्या में मजदूरों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हुआ था। उन्होंने आशंका जताई कि यदि त्रिवेणी अर्थ मूवर्स भी बंद होती है तो इसका प्रतिकूल असर स्थानीय मजदूरों और कंपनी से जुड़े अन्य लोगों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति का जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कंपनी को बंद कराने या अस्थिर करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने जल्द ही कंपनी परिसर में ग्राम सभा आयोजित कर इस मुद्दे पर सामूहिक रूप से चर्चा और निर्णय लेने की बात कही।
वहीं, स्थानीय मुखिया शशिभूषण सिंह सरदार ने बताया कि पिछले दिनों मजदूरों द्वारा हड़ताल किए जाने की सूचना मिलने पर उन्होंने कंपनी प्रबंधन से बातचीत की थी। उनके अनुसार, वार्ता के दौरान प्रबंधन की ओर से सात वर्ष से अधिक समय से कार्यरत मजदूरों को कुशल एवं अतिकुशल मजदूरी का लाभ देने, नई बहाली में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने तथा कंपनी परिसर में रिक्तियों से संबंधित सूचना प्रकाशित करने का आश्वासन दिया गया था। मुखिया ने कहा कि वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी थी। इसके बावजूद शुक्रवार को दोबारा कंपनी पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि विवाद का समाधान इस तरह होना चाहिए कि कंपनी का संचालन भी जारी रहे और स्थानीय मजदूरों के हितों की भी रक्षा हो।



