झारखंड बंद को लेकर सड़क पर उतरे आंदोलनकारियों ने उठाई हक-अधिकार की मांग
Patamda : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को झारखंड बंद का पूर्वी सिंहभूम जिले में आंशिक असर देखने को मिला। बोड़ाम के सुसनी बॉर्डर, पटमदा के राखडीह बॉर्डर, एनएच-33 के गुरमा, घाटशिला और बहरागोड़ा समेत कई स्थानों पर आंदोलनकारियों ने मुख्य सड़कों को जाम कर विरोध जताया। आंदोलनकारियों ने राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी झारखंड आंदोलनकारियों को उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी आंदोलनकारियों को राजकीय सम्मान, अलग पहचान, 50 हजार रुपये मासिक सम्मान पेंशन, निशुल्क चिकित्सा, यात्रा कूपन एवं समूह बीमा का लाभ देने की मांग की। साथ ही जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने तथा आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों व आश्रितों को रोजगार में सीधी नियुक्ति अथवा क्षैतिज आरक्षण देने की मांग रखी।
इस दौरान विश्वजीत प्रमाणिक, शिबू काली माईती, शरत चंद्र महतो, मिहिर तिवारी, सुनील कुमार महतो, ईशान चंद्र मुर्मू, बुद्धेश्वर महतो, सुभाष सिंह, हृदय महतो, सहदेव बनर्जी, सीतानाथ कुंभकार, प्रधान महतो, सुभान अंसारी, राम मांझी, सीताराम महतो, छुटू लाल महतो, रामनाथ महतो, ईशान गोप समेत, दुर्योधन महतो, रसराज महतो, आशुतोष महतो, विभूति माझी, टीकाराम माझी, लूसू माझी, मनोहर माझी, गौउर नापित, खोकू महतो व राजेन महतो आदि उपस्थित थे।




