झारखंड की बेटियों ने राष्ट्रीय थ्रोबॉल चैंपियनशिप में लहराया परचम, जीता स्वर्ण पदक, टीम में पटमदा एवं धालभूमगढ़ की बेटियां भी
फाइनल में तमिलनाडु को हराकर बनी चैंपियन, पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही टीम
Jamshedpur : झारखंड की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का मान बढ़ाया है। पश्चिम बंगाल के ठाकुरपुकुर स्थित विवेकानंद कॉलेज में 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित 34वीं सब जूनियर नेशनल थ्रोबॉल चैंपियनशिप में झारखंड की बालिका टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रही और एक भी मुकाबला नहीं गंवाया।
झारखंड की टीम ने लीग मुकाबलों में मध्य प्रदेश को 25-13, 25-15, महाराष्ट्र को 25-16, 25-22 और आंध्र प्रदेश को 25-18, 25-19 से पराजित किया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में तेलंगाना को 25-12, 25-19 तथा सेमीफाइनल में मुंबई को 25-19, 25-18 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में झारखंड की बेटियों ने तमिलनाडु को 25-16, 25-23 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि पर झारखंड थ्रोबॉल संघ के अध्यक्ष वेदांत कस्तब और सचिव राजेश कुमार ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं टीम मैनेजर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत राज्य की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड थ्रोबॉल को नई पहचान दिलाएगी।
स्वर्ण पदक विजेता टीम के खिलाड़ी
झारखंड टीम में शामिल 7 खिलाड़ी पूर्वी सिंहभूम से हैं, इनमें सुनीता सोरेन, चुड़ामोनी टुडू, सुजाता मुर्मू, पारसी मुर्मू व पूजा बेसरा (केजीबीवी धालभूमगढ़), अनुपमा टुडू एवं सलमा टुडू (केजीबीवी पटमदा) शामिल हैं जबकि 3 चतरा (उत्क्रमित उच्च विद्यालय पिंड्राकोन) से एवं 5 रांची (केजीबीवी बुंडू की 3 एवं रांची के निजी स्कूल से 2) जिले से हैं। टीम ने विजेता ट्रॉफी को दिवंगत थ्रो बॉल खिलाड़ी एवं पूर्व कप्तान मिलिता टुडू को समर्पित किया।












