मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई पर झामुमो ने जताई आपत्ति, डीसी को ज्ञापन
हर भारतीय का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो, तार्किक विसंगतियों की आड़ में भाजपा को लाभ पहुंचाने का प्रयास न हो : विक्टर सोरेन
Jamshedpur : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तार्किक विसंगतियों के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के प्रयास का झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विरोध किया है। मंगलवार को झामुमो पूर्वी सिंहभूम जिला समिति का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी से मिला और इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए छह सूत्री मांगपत्र सौंपा।
मुलाकात के बाद विक्टर सोरेन ने आरोप लगाया कि अव्यावहारिक तार्किक विसंगतियों के आधार पर उन मतदाताओं के नाम चिन्हित किए जा रहे हैं, जो विपक्षी दलों के समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि झामुमो इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। एसआईआर के लिए आवश्यक जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों के त्वरित निष्पादन की व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन में 2003 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद महिलाओं से पैतृक संबंधियों के प्रमाण मांगे जाने, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र एवं पेशा कानून के तहत ग्राम प्रधानों द्वारा जारी वंशावली को मान्यता नहीं दिए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। साथ ही, झामुमो ने प्रपत्र-7 के कथित गलत इस्तेमाल को रोकने तथा नाम, उम्र, लिंग और फोटो में मामूली अंतर को आधार बनाकर आवेदनों को अस्वीकृत नहीं करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय सदस्य सह पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, प्रमोद लाल, मनोज यादव, वीर सिंह सुरेन, सुनील महतो, खुद्दू उरांव, शैलेन्द्र मैथी, चंद्रावती महतो, प्रीतम हेंब्रम, अभय पाण्डेय, सुशील हेंब्रम, चंद्रशेखर महतो, राजा सिंह, शिवलाल लोहरा, गुरमीत सिंह गिल, उमेश गिरी, रजनी दास, उज्ज्वल दास व राजन कैवर्त समेत अन्य शामिल थे।




