दुबराजपुर मैदान में गूंजे करम गीत, सैकड़ों दलों ने दी पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति
Patamda : बोड़ाम प्रखंड के माधवपुर पंचायत स्थित दुबराजपुर मैदान में रविवार को आदिवासी कुड़मी समाज, पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में भव्य करम नाच प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विभिन्न गांवों से पहुंचे दर्जनों करम नृत्य दलों ने पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। देर शाम तक पूरा मैदान करम गीतों और मांदर की थाप से गूंजता रहा।
प्रतियोगिता में शामिल दलों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्य यंत्रों के साथ अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुड़माली गीतों और पारंपरिक करम नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रतिभागी दलों ने अपनी कला के माध्यम से करम पर्व की लोक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता की झलक प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में रूपापेतिया के माहा करम दल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 10,001 रुपये का पुरस्कार जीता। बांसबेड़ा के रूपाली करम दल को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 7,001 रुपये, दुबराजपुर के पाथरडीह करम दल को तृतीय पुरस्कार के रूप में 5,001 रुपये तथा मुकरूडीह के जयगराम करम दल को चतुर्थ पुरस्कार के रूप में 3,001 रुपये प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में शामिल अन्य करम नृत्य दलों को भी प्रोत्साहन स्वरूप 1,000-1,000 रुपये देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उज्ज्वल महतो, माणिक चंद्र महतो, हेमंत महतो, सुधांशु बानूआर, लक्ष्मण महतो, विश्वनाथ महतो, प्रबोध महतो, सनातन महतो, चमकराय महतो और गौतम महतो सहित समाज के गणमान्य लोग, आयोजन समिति के सदस्य एवं विभिन्न गांवों से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। मौके पर बड़ी संख्या में कुड़मी समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे उपस्थित रहे। आयोजकों ने कहा कि करम नाच प्रतियोगिता जैसे आयोजन लोक संस्कृति और पारंपरिक कला के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को भी मजबूती मिलती है।




