कुटीमाकली ग्राम सभा ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और झाड़ियों की सफाई हेतु उपायुक्त से लगाई गुहार
टाटा–पटमदा मुख्य मार्ग पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर ग्रामीण चिंतित
Patamda : टाटा–पटमदा मुख्य मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत कुटीमाकली ग्राम सभा के ग्रामीणों ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे उगी घनी झाड़ियां, रोशनी की कमी और स्पीड ब्रेकर की अनुपस्थिति के कारण यह मार्ग हादसों का केंद्र बनता जा रहा है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि सड़क के दोनों किनारों पर 3 से 4 फीट ऊंची झाड़ियां उग आई हैं, जिससे मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। खासकर रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि झाड़ियों की वजह से स्ट्रीट लाइट का प्रकाश भी सड़क तक नहीं पहुंच पाता। ग्राम सभा ने यह भी बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में न तो स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं और न ही किसी प्रकार के चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा सड़क किनारे झाड़ियों के फैलाव के कारण पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले दो महीनों में इस मार्ग पर 8 से 10 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्राम सभा कुटीमाकली ने उपायुक्त से मांग की है कि सड़क किनारे उगी झाड़ियों और घास की तत्काल कटाई कराई जाए, खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर एवं “दुर्घटना संभावित क्षेत्र” के बोर्ड लगाए जाएं तथा आवश्यक स्थानों पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएं, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
इस आवेदन पर बोंटा पंचायत की मुखिया सुकांति किस्कू, कुटिमाकली के ग्राम प्रधान सवर्धन सिंह एवं वार्ड सदस्य विनोद सिंह ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील की है।

