3 माह में ही उखड़ गई 11 करोड़ की कुमीर-दांदूडीह सड़क, बढ़ी परेशानी

Patamda: पटमदा की कुमीर, ओड़िया, बनकुंचिया व काश्मार पंचायत के दो दर्जन गांवों समेत पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली कुमीर से दांदूडीह मुख्य सड़क निर्माण के तीन माह बाद ही उखड़ गई। आरईओ की इस सड़क का निर्माण कार्य 11 करोड़ की लागत से किया गया था। इसका शिलान्यास 12 जुलाई 2022 को जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया गया था। उस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा संबंधित ठेका कंपनी को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया था। 2023 तक निर्माण कार्य को पूर्ण करना था, लेकिन भारी वाहनों के परिचालन को लेकर जरूरी एस्टीमेट में बदलाव के कारण निर्माण कार्य देर से शुरू हुआ। 2025 में किसी तरह से निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया। जबकि सड़क की अंतिम सीमा दांदूडीह गांव में निर्माण कार्य आज भी अधूरा है।
ग्रामीण विकास विभाग जमशेदपुर की देखरेख में करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क के किनारे आज भी कई गांवों में साइड फीलिंग नहीं किया गया है। जिसके कारण ग्रामीण आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। इस संबंध में समाजसेवी मनसाराम पावरी ने बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखे जाने से सड़क की स्थिति कई जगहों पर जर्जर हो चुकी है। इस संबंध में विभागीय सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पुल के दोनों ओर एप्रोच का काम बाकी है जबकि सड़क पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण का कार्य 2025 में ही पूर्ण हो चुका है। पश्चिम बंगाल सीमा से सटे दांदूडीह में सड़क निर्माण का कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कुमीर व बनकुंचिया गांव के बीच नाला पर बन चुके पुल के दोनों और सड़क निर्माण में सिर्फ एप्रोच का काम बाकी है, जो प्रगति पर है।
कुमीर पंचायत के मुखिया दीपक कोड़ा ने बताया कि शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान मृत्युंजय महतो ने बताया कि गुणवक्ता पूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन किया था, जिसके बाद संबंधित विभाग द्वारा एस्टीमेट में 2 करोड़ की राशि बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद संबंधित कंपनी शंकर ब्रदर्स एंड संस द्वारा सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। घटिया सड़क के निर्माण को लेकर ग्रामीण आंदोलन के मूड पर है।






























