झारखंड आंदोलनकारी दुबराज कुंभकार का हार्ट अटैक से निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
Patamda : झारखंड आंदोलनकारी एवं बड़ासुसनी निवासी दुबराज कुंभकार (65) का मंगलवार को हृदयाघात से निधन हो गया। पंसस प्रतिनिधि संजय कुंभकार ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दुबराज कुंभकार सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहते हुए लोगों को हमेशा सही दिशा और उचित मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। मृदुभाषी और सरल स्वभाव के कारण वे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। दुबराज कुंभकार ने छात्र जीवन से ही अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। वे झारखंड आंदोलन के मसीहा वीर शहीद निर्मल महतो के विचारों एवं नेतृत्व से प्रभावित थे और अलग झारखंड राज्य की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
उनके निधन से क्षेत्र के सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं में गहरा शोक है। वे अपने पीछे पत्नी और दो पुत्र अशोक कुंभकार एवं दीपक कुंभकार को छोड़ गए हैं।



