सीओ के आदेश के बाद पटमदा अंचल कार्यालय में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का हंगामा, आधे घंटे तक चला विवाद
Patamda : पटमदा प्रखंड कार्यालय के बगल स्थित ब्लॉक कॉलोनी के सार्वजनिक रास्ते पर गड्ढा खोदकर पंसोखा बनाए जाने को लेकर मंगलवार को अंचल कार्यालय में करीब आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों के अनुसार, अंचलाधिकारी के गड्ढा भरने के निर्देश के बाद सुनील कुमार राम कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ अंचल कार्यालय पहुंचे, जहां सीओ और कर्मियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक रास्ते पर सुनील राम द्वारा गड्ढा खोदकर पंसोखा बनाए जाने का स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने विरोध किया था। इसको लेकर अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत भी की गई थी। ग्रामीणों ने आवेदन के माध्यम से बताया था कि रास्ते पर गड्ढा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। मामले में अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर अंचलाधिकारी ने स्थल निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक रास्ते पर गड्ढा पाए जाने के बाद उसे भरने का निर्देश दिया गया।
सीओ का कहना है कि करीब तीन माह बीत जाने के बावजूद गड्ढा नहीं भरा गया। इसके बाद अंचलाधिकारी ने दोबारा सुनील राम को गड्ढा भरने का निर्देश दिया, ताकि रास्ते से आवागमन करने वाले लोगों को किसी प्रकार का खतरा न हो। इसी निर्देश के बाद मंगलवार को सुनील राम कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ अंचल कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक, इस दौरान सीओ एवं अंचल कर्मियों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया तथा सार्वजनिक रास्ते पर गड्ढा बनाए जाने को सही ठहराने का प्रयास किया गया। इससे कार्यालय परिसर में करीब आधे घंटे तक विवाद की स्थिति बनी रही।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सार्वजनिक आवागमन वाले रास्ते पर बने गड्ढे को अविलंब भरवाने और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में सुनील कुमार राम का कहना है कि हम अपनी जमीन पर शॉक्पिट बनवा रहे हैं, इसका एक पड़ोसी के द्वारा आपत्ति किया जा रहा है और अंचल कार्यालय की ओर से जमीन की गलत ढंग से मापी करते हुए भेदभाव किया जा रहा है। हमारी ओर से ससीओ से सिर्फ जवाब मांगा गया तो उन्होंने इसे हंगामा करार दिया जबकि आरोप गलत है।



