दलमा इको-सेंसिटिव जोन में अवैध क्रशर पर प्रशासन की कार्रवाई, क्रशर इकाई सील
Patamda : दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन अंतर्गत पटमदा अंचल के धुसरा मौजा में बंद पड़े क्रशर को दोबारा संचालित किए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन ने मंगलवार को संयुक्त निरीक्षण कर कार्रवाई की। धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर संचालित अवैध क्रशर इकाई को सील कर दिया। साथ ही खनिज, वाहन और विभिन्न उपकरणों को जब्त कर पटमदा थाना को सुपुर्द किया गया।
उपायुक्त के निर्देश पर गठित टीम में जिला खनन पदाधिकारी, पटमदा के अंचल अधिकारी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कनीय पर्यावरण अभियंता मो. आफताब आलम, वन विभाग के प्रतिनिधि सीमोन टुडू, प्रभारी वनपाल नूतनडीह बीट तथा पटमदा थाना प्रभारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान मौके पर क्रशर इकाई संचालित अवस्था में मिली। वहां एक टाटा ऐस वाहन, हरे रंग का जनरेटर, वेल्डिंग मशीन, दो वेल्डिंग रॉड पॉकेट, दो सब्बल, एक हथौड़ा तथा करीब 300 सीएफटी पत्थर बोल्डर और 200 सीएफटी पत्थर चिप्स का भंडारण पाया गया। पूछताछ में श्रमिकों ने बताया कि क्रशर का संचालन सुभाष कुमार शाही द्वारा किया जा रहा था तथा पत्थर बोल्डर का प्रसंस्करण कर बिक्री की जाती थी। प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कनीय पर्यावरण अभियंता ने बताया कि इकाई संचालक के पास प्रदूषण संबंधी वैध सहमति, स्थापना की सहमति एवं संचालन की सहमति, उपलब्ध नहीं थी। इसे वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए क्रशर इकाई को सील किया गया।
वन विभाग के अनुसार उक्त स्थल दलमा इको-सेंसिटिव जोन में आता है, जहां अधिसूचना के तहत क्रशिंग गतिविधि प्रतिबंधित है। वहीं बिना वैध खनिज अनुज्ञप्ति खनिज का उत्खनन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और बिक्री करना भी अवैध है। प्रशासन के अनुसार मामले में सुभाष कुमार शाही के विरुद्ध एमएमडीआर अधिनियम, 1957 तथा झारखंड खनिज संबंधी नियमों की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन एवं खनिज कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पटमदा थाना प्रभारी ने बताया कि खनन निरीक्षक के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।




