एमजीएम के दंत रोग विभाग में पहली बार लगी डिजिटल एक्स-रे मशीन, मरीजों को मिलेगी राहत
अब दांतों और उनकी जड़ों की जांच अस्पताल में ही होगी, निजी जांच केंद्रों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति
Jamshedpur: महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दंत रोग विभाग में पहली बार अत्याधुनिक डिजिटल इंट्राओरल एक्स-रे मशीन और हाई-रिजॉल्यूशन डिजिटल सेंसर यूनिट स्थापित की गई है। इससे कोल्हान प्रमंडल के मरीजों को दांतों, मसूड़ों और जबड़े से जुड़ी बीमारियों की जांच एवं उपचार में सुविधा मिलेगी।
अब तक अस्पताल में इंट्राओरल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी), दांतों की सड़न, अंदरूनी संक्रमण और नसों से जुड़ी समस्याओं की सटीक जांच के लिए निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ता था। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता था और उपचार में भी देरी होती थी। नई डिजिटल प्रणाली की मदद से एक्स-रे के तुरंत बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर दांतों और उनकी जड़ों की स्पष्ट तस्वीर देखी जा सकेगी। इससे चिकित्सकों को बीमारी की पहचान करने, रूट कैनाल उपचार और छोटी शल्य चिकित्सा की योजना बनाने में मदद मिलेगी। डिजिटल तकनीक से जांच की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक होगी। पारंपरिक एक्स-रे की तुलना में इसमें विकिरण का स्तर कम रखा जा सकता है।
इस सुविधा से जमशेदपुर के साथ-साथ कोल्हान के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। अस्पताल में ही जांच की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को बाहर जाने की परेशानी और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी। साथ ही, चिकित्सक जांच रिपोर्ट के आधार पर समय पर उपचार शुरू कर सकेंगे।





