शिकार परब पर रोक को लेकर पटमदा में जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया संरक्षण का संदेश
Patamda: वन्यजीवों की सुरक्षा और शिकार परब की रोकथाम को लेकर वन विभाग द्वारा पटमदा प्रखंड में जागरूकता अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को बेलटांड़ चौक पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित करते हुए संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। यह कार्यक्रम वन विभाग के डीएफओ सबा आलम अंसारी के निर्देश पर आयोजित किया गया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को शिकार परब के दुष्परिणामों, वन्यजीवों के महत्व और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अंचलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार दास एवं विशिष्ट अतिथियों में थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता एवं समाजसेवी विश्वनाथ महतो उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से लोगों से वन्यजीवों और पेड़-पौधों के संरक्षण के लिए जागरूक और जिम्मेदार बनने का आह्वान किया।
अंचलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार दास ने कहा कि प्रकृति और जीव-जंतु हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके संरक्षण के बिना पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता ने स्पष्ट किया कि अवैध शिकार कानूनन अपराध है और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि बदलते समय के साथ पारंपरिक प्रथाओं में सुधार आवश्यक है। आने वाली पीढ़ियों के लिए जंगल और वन्यजीवों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। नुक्कड़ नाटक के कलाकारों ने जीवंत अभिनय के माध्यम से ग्रामीणों को गहराई से प्रभावित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और सभी ने वन्यजीव संरक्षण के इस अभियान को समर्थन देने का संकल्प लिया।






























