करोड़ों की स्टेडियम योजना पर उठे सवाल: बारिश में धंसी गैलरी, ग्रामीणों ने लगाया अनियमितता का आरोप

कल उपायुक्त से शिकायत करेंगे ग्रामीण, जांच की उठी मांग
Patamda: पटमदा प्रखंड की जोड़सा पंचायत अंतर्गत तुंगबुरु गांव में तीन करोड़ से अधिक की लागत से बन रहे स्टेडियम निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पहली ही बारिश में स्टेडियम की गैलरी धंसने और पेवर्स ब्लॉक उखड़ने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण में भारी अनियमितता और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण पहली ही बरसात में गैलरी का एक हिस्सा धंस गया। मैदान के चारों ओर लगाए गए पेवर्स ब्लॉक भी कई जगह धंस चुके हैं, जबकि मैदान में लगाई गई घास अब झाड़ियों में बदल गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान बालू की कमी बताकर स्टोन डस्ट का उपयोग किया गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
रविवार को शिकायत मिलने पर जिला निगरानी एवं अनुश्रवण समिति के सदस्य मुचीराम बाउरी और सांसद प्रतिनिधि महावीर महतो ने स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन तैयार कर लिया गया है। सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग करेगा। निरीक्षण के दौरान बिंदावन किस्कू, भुटू किस्कू, लखीराम टुडू, चूनाराम टुडू, भासरो सोरेन, हेमलाल मांडी, नंदलाल मांडी, ग्रहण सोरेन, सागुन हांसदा, बापी किस्कू, सनातन मुर्मू, सुनाराम मांडी, बिभूति टुडू, मड़ीराम हांसदा, उमेश्वर हांसदा, सुनील हांसदा और युगल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मुचीराम बाउरी और सांसद प्रतिनिधि महावीर महतो ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे पूरे मामले से सांसद को अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।
विभागीय जूनियर इंजीनियर (जेई) गिरिधारी कुंकल ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निर्माण कार्य के दौरान जहां-जहां शिकायत मिली है, वहां ग्रामीणों के साथ बैठकर समाधान किया गया है। उन्होंने बताया कि मिट्टी भराई के दौरान गैलरी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसे शीघ्र ही दुरुस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वीकृत प्राक्कलन में गैलरी के लिए पिलर निर्माण का प्रावधान नहीं है, इसलिए बिना पिलर के ही इसका निर्माण कराया जा रहा है।



