महतो-देशमड़ल व्यवस्था को मान्यता देने की मांग, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
Patamda : कुड़माली छात्र संगठन एवं कुड़मी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर कुड़मी-महतो समुदाय की पारंपरिक महतो-देशमड़ल ग्राम स्वशासन व्यवस्था को विधिवत मान्यता देने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पंचायती राज एवं पेसा नियमावली में इस व्यवस्था का सही उल्लेख नहीं होने से समुदाय की ऐतिहासिक पहचान प्रभावित हो रही है।
प्रतिनिधियों ने महतो-देशमड़ल व्यवस्था को ग्राम सभा की मान्य पारंपरिक व्यवस्थाओं में शामिल करने, सम्मान राशि का लाभ देने तथा पेसा अधिनियम के तहत संरक्षण प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सदियों से ग्रामीण समाज में सामाजिक समरसता, पारंपरिक न्याय और सामुदायिक नेतृत्व का आधार रही है। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से चंदन महतो, राजकिशोर महतो, रतन महतो एवं रुद्र प्रताप महतो शामिल थे।



