डिमना घाटी में मृत पशु व जैविक कचरा फेंकने से बढ़ा प्रदूषण, उपायुक्त से कार्रवाई की मांग
Jamshedpur: डिमना लेक घाटी क्षेत्र में खुले में मृत पशु, मुर्गी-मुर्गियों के अवशेष, मछली व अन्य जैविक कचरा फेंके जाने से दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या बढ़ गई है। इससे परेशान ग्रामीणों ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि अज्ञात लोगों द्वारा नियमित रूप से घाटी में जैविक कचरा फेंका जा रहा है। कुत्ते व अन्य जानवर अवशेषों को आसपास फैला देते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना रहता है। गंदगी सड़क तक फैलने से राहगीरों व दोपहिया चालकों को भी परेशानी होती है।
ज्ञापन में कचरा फेंकने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई, संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड व सीसीटीवी लगाने, नियमित सफाई और सुरक्षित तरीके से अवशेष हटाने तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों से स्थल निरीक्षण कराने की मांग की गई है। इसके अलावा सड़क संकरी होने के कारण बड़ी गाड़ियों से लगने वाले जाम व दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की मांग भी की गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि डीएफओ, डीटीओ जमशेदपुर, एमजीएम/बोड़ाम थाना तथा झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी दी गई है। ग्रामीणों ने डिमना लेक घाटी को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए शीघ्र ठोस कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में नरेश महतो व विश्वनाथ रजक (मिर्जाडीह), शरत महतो (रिपिट कॉलोनी), जितेन्द्र कुमार सिंह (बामनी) एवं अमर सिंह (कदमजोड़ा) शामिल थे। जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उपायुक्त ने मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है और सकारात्मक आश्वासन भी मिला है।




