जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षक संकट पर उपायुक्त से मिले समाजसेवी विश्वनाथ, त्वरित कार्रवाई की मांग
Patamda : पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड के सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति और शिक्षकों की भारी कमी को लेकर समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर उपायुक्त, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विद्यालयों की समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि पटमदा एवं बोड़ाम क्षेत्र के कई विद्यालय भवन वर्षों पुराने होने के कारण काफी जर्जर हो चुके हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विशेष रूप से गोबरघुसी पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय कुआरामा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई गई, जहां हाल ही में भवन का छज्जा गिर गया था। इसके अलावा मेघादह, लड़ाईडूंगरी, कुकुड़ु, बिड़रा, जामडीह, काटिन लालाडूंगरी तथा रसिकनगर सहित कई विद्यालयों के भवनों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया। साथ ही विद्यालय परिसरों में चारदीवारी, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
विश्वनाथ महतो ने पटमदा मॉडल इंग्लिश स्कूल, उत्क्रमित उच्च विद्यालय चौरा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दिघी तथा प्राथमिक विद्यालय लोवाडीह में शिक्षकों की कमी का मामला भी अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इसलिए आवश्यक संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति एवं प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। उपायुक्त ने बताया कि जिले के जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जा रही है तथा आवश्यक तकनीकी जांच और आगे की कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।



