चार साल बाद भी अधूरा पड़ा तीन करोड़ का खेजुरडीह पुल, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
Patamda: पटमदा प्रखंड के कुमीर-महुलतल स्थित खेजुरडीह नाला पर प्रधानमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत बन रहा करीब तीन करोड़ की लागत वाला पुल चार वर्ष बीत जाने के बावजूद अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य ठप रहने से बरसात के दिनों में आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण कार्य विभाग की देखरेख में बन रहे इस पुल का निर्माण कार्य शंकर ब्रदर्स एंड संस कंपनी को सौंपा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2025 में ही पुल का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। ग्राम प्रधान सुभाष सिंह और मृत्युंजय महतो ने बताया कि बारिश के दौरान खेजुरडीह नाला का जलस्तर बढ़ने पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। लोगों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। वहीं पुल के वैकल्पिक जर्जर बाईपास मार्ग पर कीचड़ और फिसलन के कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि अधूरे पुल के कारण विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर पुल को जल्द पूरा कराने की मांग की है।



