चिंताजनक: दो विधायकों वाला गुड़ाबांदा के झामुमो प्रखंड अध्यक्ष आईसीयू में, इलाज के लिए दर-दर भटक रही पत्नी
Gurabanda (Jamshedpur): झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लिए वर्षों तक संघर्ष करने वाले पार्टी के वरिष्ठ आंदोलनकारी नेता और गुड़ाबांदा प्रखंड समिति के अध्यक्ष सुराई टुडू इन दिनों जमशेदपुर के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पेट की गंभीर बीमारी के चलते उनका आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है। इस बीच, आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों का आरोप है कि अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से इलाज का खर्च जुटाना मुश्किल हो रहा है।
घाटशिला विधायक से मिली महज 10 हजार की सहायता
घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन के साथ एक कार्यक्रम में सुराई टुडू (फाइल फोटो)
परिजनों के अनुसार, बीमारी की शुरुआत से ही इलाज और ऑपरेशन के लिए आर्थिक सहायता हेतु क्षेत्र के बहरागोड़ा विधायक समीर कुमार महंती व घाटशिला सोमेश चंद्र सोरेन तथा झामुमो जिला कमेटी से कई बार संपर्क किया गया। हालांकि, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन की ओर से मात्र 10 हजार रुपये की सहायता राशि मिलने की बात कही गई है। परिवार का कहना है कि लाखों रुपये के इलाज खर्च के सामने यह राशि बेहद कम है।
परिजनों ने बताया कि जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन और दोनों विधायकों को सुराई टुडू की गंभीर स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई बड़ा पार्टी पदाधिकारी या विधायक अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जानने नहीं आया है।
वरिष्ठ नेता की उपेक्षा से कार्यकर्ताओं में नाराजगी
बहरागोड़ा विधायक समीर कुमार मोहंती के साथ एक कार्यक्रम में सुराई टुडू (फाइल फोटो)
स्थानीय स्तर पर झामुमो की ओर से गुड़ाबांदा को दो विधायकों वाला प्रखंड बताते हुए विकास और संगठनात्मक मजबूती के दावे किए जाते रहे हैं। ऐसे में पार्टी के समर्पित वरिष्ठ नेता के गंभीर रूप से बीमार होने और आर्थिक संकट से जूझने के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। सुराई टुडू दिवंगत पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के करीबी सहयोगी भी रहे हैं।
घर का सामान बेचकर इलाज कराने को मजबूर परिवार
सुराई टुडू का हाल जानने के लिए गुड़ाबांदा प्रखंड समिति के सचिव बुकाई सोरेन, उपाध्यक्ष भोगन मुर्मू, बेलवती मुर्मू समेत अन्य कार्यकर्ता जमशेदपुर स्थित अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनसे बातचीत करने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान सुराई टुडू की पत्नी दुलारी टुडू ने बताया कि उनके पति के पेट में अब तक तीन गंभीर ऑपरेशन हो चुके हैं। इलाज में लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। आर्थिक सहायता के अभाव में परिवार को घर का सामान तक बेचकर इलाज का खर्च जुटाना पड़ रहा है। उन्होंने पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है।
कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित
वरिष्ठ नेता के इलाज में अपेक्षित मदद नहीं मिलने से गुड़ाबांदा प्रखंड समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में निराशा एवं आक्रोश है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले नेताओं के संकट के समय सहयोग मिलना जरूरी है। इस मामले को लेकर पार्टी नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप कर सुराई टुडू के इलाज में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।




