बांगुड़दा सीएलएफ की वार्षिक आमसभा में महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश

Patamda : बांगुड़दा सीएलएफ की वार्षिक आमसभा का आयोजन बुधवार को पंचायत मंडप बांगुड़दामें किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य खगेन चंद्र महतो जबकि अन्य अतिथियों में बांगुड़दा की मुखिया कल्याणी सिंह, कुमीर पंचायत के मुखिया दीपक कोड़ा, बिंदु वाला महतो, पटमदा सीएलएफ की अध्यक्ष ललिता टुडू, बांगुड़दा सीएलएफ की अध्यक्ष दीपाली टुडू, अंबिका महतो समेत बीओडी की अन्य सदस्य, जेएसएलपीएस की नंदिनी कुमारी, आईपीआरपी भगवती पांडे तथा सीएलएफ की मैनेजर अनिता कर्मकार उपस्थित थे।
आमसभा में सीएलएफ से जुड़े सभी 40 सदस्यों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की उन महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियां संचालित कर अपनी आजीविका में वृद्धि की है। इस दौरान करीब 10 समूहों की महिलाओं को उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। बांगुड़दा सीएलएफ के मैनेजर इंद्रजीत महतो ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए समूह की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद सीएलएफ के अंतर्गत कार्यरत बैंक सखी कैडरों, जिनमें जी. सीआरपी, एफएल सीआरपी, बीआरपी-एलएच एवं अन्य कैडर शामिल हैं, को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों को नियमित बचत, ऋण की किस्त एवं ब्याज भुगतान तथा समूह संचालन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। पूर्व सीएलएफ अध्यक्ष जयंती माझी ने भी समूहों को मजबूत बनाने और आगे बढ़ने के लिए अपने अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य खगेन चंद्र महतो ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। उन्होंने समूहों को बेहतर तरीके से संचालित करते हुए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए साधन विकसित करने तथा आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। पूर्व सीएलएफ अध्यक्ष जयंती माझी ने भी अपने अनुभव साझा किए। वहीं पंचायत प्रतिनिधियों ने भी महिलाओं को समूह से जुड़कर नियमित बचत करने, उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सम्मानित महिलाओं एवं अतिथियों के बीच उपहारों का आदान-प्रदान किया गया। इसके बाद समापन गीत प्रस्तुत किया गया और सामूहिक भोजन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




