दिहाड़ी मजदूर की बेटी ने मेहनत से रचा इतिहास, तीसरे प्रयास में नीट क्रैक कर डॉक्टर बनने की राह पर ज्योति
Jamshedpur : मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे आर्थिक तंगी भी बाधा नहीं बन सकती। इसका प्रेरणादायक उदाहरण एमजीएम थाना क्षेत्र के देवघर निवासी दिहाड़ी मजदूर दंपती लखीन्द्र मुर्मू और सुनीता मुर्मू की इकलौती बेटी ज्योति मुर्मू ने पेश किया है। ज्योति ने अपने तीसरे प्रयास में नीट-2026 परीक्षा में सफलता हासिल की है। इसके बाद उनका दाखिला शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग में हुआ है। ज्योति के माता-पिता की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। दोनों सालभर दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई जारी रखने में पूरा सहयोग किया। ज्योति की सफलता के पीछे उनके माता-पिता के संघर्ष और बेटी की कड़ी मेहनत को अहम माना जा रहा है। परिवार के बेटे रोहित मुर्मू ने भी टाटा स्टील में अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद कंपनी में काम हासिल किया है। परिवार की मेहनत और संघर्ष ने ज्योति के सपने को उड़ान दी।
समाजसेवी अर्जुन सोरेन ने बताया कि ज्योति देवघर पंचायत और गांव की पहली महिला होंगी, जो चिकित्सक बनेंगी। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। इसी गांव के विकास सोरेन और पियोमुखी सोरेन की बेटी विशाखा सोरेन ने भी नीट-2026 में सफलता हासिल की है। विशाखा का दाखिला फूलो झानो मेडिकल कॉलेज, दुमका में हुआ है। एक ही गांव की दो बेटियों के मेडिकल कॉलेज में चयन से ग्रामीणों में उत्साह है।




