पटमदा-बोड़ाम में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया जितिया परब
Patamda: जितिया परब के अवसर पर शनिवार को पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड के विभिन्न गांवों में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज और धार्मिक आस्था के साथ जितिया डाइर की पूजा-अर्चना की। महुलबना, जाल्ला, लोवाडीह, काशीडीह, लायाडीह, बिड़रा, बांगुड़दा, बारियादा, माधवपुर, बेलडीह, पहाड़पुर, लायलम, कुमीर, दिघी, लछीपुर समेत आसपास के गांवों में महिलाओं ने तीन दिनों तक उपवास रखकर विधि-विधान से पूजा की।
इस संबंध में समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने बताया कि सत्य-सारि धर्म की मान्यताओं के अनुसार पूजा के दौरान सर्वप्रथम पंच महाभूत, सूरज महाराइ, बूढ़ाबाबा एवं ससटि मां का आह्वान किया गया। इसके बाद जितिया डाइर की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार एवं परिजनों की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की गई। वहीं जितिया परब को लेकर गांवों में दिनभर पारंपरिक और धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न लोकाचारों में हिस्सा लिया। इस दौरान बुजुर्ग महिलाओं ने नई पीढ़ी की महिलाओं और बेटियों को जितिया परब की परंपरा, पूजा-विधि और इसके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि जितिया परब केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि परिवार, प्रकृति और सामाजिक एकजुटता से जुड़ी लोकपरंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस परंपरा के माध्यम से गांवों में सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रखा जा रहा है।




