शहीद खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर टीम पीएसएफ का एसडीपी रक्तदान अभियान
Jamshedpur : वीर क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस की 118वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को टीम पीएसएफ की ओर से एसडीपी रक्तदान अभियान चलाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर चार रक्तवीरों ने एसडीपी रक्तदान किया, जिसके साथ टीम पीएसएफ का 1881वां एसडीपी रक्तदान पूरा हुआ।
शहीद खुदीराम बोस को याद करते हुए टीम पीएसएफ ने कहा कि महज 18 वर्ष 8 माह 11 दिन की उम्र में देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले इस महान क्रांतिकारी का बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनकी पुण्यतिथि पर एसडीपी रक्तदान के माध्यम से रक्तांजलि अर्पित की गई। टीम पीएसएफ लंबे समय से शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वैच्छिक रक्तदान और एसडीपी रक्तदान के प्रति जागरूकता अभियान चला रही है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एसडीपी रक्तदान कई बार जीवनरक्षक साबित होता है। खासकर कैंसर, डेंगू समेत ऐसी गंभीर बीमारियों में, जहां मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या काफी कम हो जाती है, एसडीपी की आवश्यकता पड़ती है।
नियमित रक्तदान की तुलना में एसडीपी रक्तदान की प्रक्रिया अधिक समय लेने वाली होती है। इसमें रक्तदाता को करीब 40 मिनट से एक घंटे तक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। रक्तदान से पहले रक्तदाता की प्लेटलेट्स संख्या, वजन, लंबाई और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाती है। सभी निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद ही एसडीपी रक्तदान कराया जाता है।
इस अवसर पर मनोतोष घोषाल, शतकवीर अजित कुमार भगत, शतकवीर कुमारेश हाजरा और जमशेदपुर ब्लड सेंटर के तकनीशियन मोहन मंडल ने एसडीपी रक्तदान किया। टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार ने कहा कि संस्था का लक्ष्य एक राज्य से दूसरे राज्य तक एसडीपी रक्तवीरों की मजबूत टीम तैयार करना है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया जा सके। रक्तदान के बाद सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मौके पर जमशेदपुर ब्लड सेंटर के डॉ. लव बहादुर सिंह, डॉ. रीता सिंह, डॉ. निर्जला झा, तकनीशियन आदित्य कुमार, अरुनभो मोइत्रा, स्वर्णा मोइत्रा सहित टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार मौजूद रहे।



