बोड़ाम में एक बच्ची की मौत के बाद छोटा भाई ब्रेन मलेरिया से पीड़ित, एमजीएम के पीकू वार्ड में भर्ती
जिला सर्विलांस टीम ने चिकन पॉक्स की भी जांच की, आठ लोगों के सैंपल लिए
Patamda: बोड़ाम प्रखंड के कुईयानी पंचायत अंतर्गत धोबनी गांव में शुक्रवार को जिस बच्ची की मौत हुई थी, उसके दोनों भाई मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। दोनों का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है। इनमें 2 साल 9 महीने का गौउर सिंह की हालत गंभीर होने के कारण उसे पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया है, जबकि 12 वर्षीय सोनू सिंह की स्थिति में सुधार होने पर शनिवार को उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, दुर्लभ सिंह की पुत्री की शुक्रवार को मौत हो गई थी। वह पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। इसके बाद उसके दोनों भाइयों की जांच कराई गई, जिसमें दोनों पीएफ (फाल्सीपेरम) मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। चिकित्सकों के अनुसार, गौर सिंह का शुक्रवार को हीमोग्लोबिन काफी कम था, हालांकि इलाज के बाद उसकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ है।
शनिवार को जिले में मलेरिया जांच अभियान के तहत 6,666 लोगों की जांच की गई, जिसमें 64 नए मरीज मलेरिया संक्रमित मिले। सबसे अधिक 18 मरीज पोटका में मिले। इसके अलावा पटमदा में 14, घाटशिला में 10, मुसाबनी में 9, धालभूमगढ़ में 6, डुमरिया में 4 तथा बहरागोड़ा, जुगसलाई और सदर अस्पताल क्षेत्र में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई।
दूसरी बच्ची की मौत के बाद शनिवार को जिला सर्विलांस टीम धोबनी गांव पहुंची। टीम ने प्रभावित परिवार और आसपास के लोगों की स्वास्थ्य जांच की। जांच में पता चला कि करीब डेढ़ माह पहले मृत बच्ची समेत उसके परिवार के छह सदस्य चिकन पॉक्स से संक्रमित हुए थे। जांच के दौरान बच्ची के घर के सामने रहने वाले एक अन्य परिवार के दो सदस्यों में भी चिकन पॉक्स के लक्षण मिले। इनमें एक व्यक्ति वर्तमान में भी संक्रमित पाया गया, जबकि अन्य लोग स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कुल आठ लोगों के सैंपल जांच के लिए एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच टीम में जिला सर्विलांस पदाधिकारी डॉ. असद, पटमदा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, एमपीडब्ल्यू वरुण पाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी शामिल थे।



