फुटवियर सोल के डिजाइन को भारत सरकार से पंजीकरण, डॉ. कमल किशोर महतो की शोध को मिली नई पहचान
Patamda : पटमदा डिग्री कॉलेज के व्याख्याता डॉ. कमल किशोर महतो के फुटवियर सोल (जूते-चप्पल के तलवे) के डिजाइन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से पंजीकरण मिला है। पेटेंट कार्यालय द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के अनुसार यह डिजाइन डिजाइन नंबर 505910-001 के तहत डॉ. कमल कुमार महतो के नाम से पंजीकृत किया गया है।
पेटेंट कार्यालय के सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन ऑफ डिजाइन में इस डिजाइन को फुटवियर सोल से संबंधित बताते हुए क्लास 02-04 में पंजीकृत किया गया है। प्रमाण-पत्र में डिजाइन की तारीख 16 जून तथा पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने की तारीख 12 अगस्त दर्ज है। डिजाइन का पंजीकरण होने से इसे भारत में कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है। इसका उद्देश्य पंजीकृत डिजाइन की अनधिकृत नकल अथवा समान डिजाइन के गलत इस्तेमाल से सुरक्षा प्रदान करना है। हालांकि, यह तकनीकी आविष्कार के पेटेंट से अलग है और मुख्य रूप से उत्पाद के डिजाइन से जुड़े अधिकार प्रदान करता है। निर्धारित अवधि के बाद नियमों के अनुसार इसके संरक्षण को आगे बढ़ाने का भी प्रावधान है।
2012 से शुरू किया शोध
डॉ. कमल किशोर महतो ने बताया कि उन्होंने इस शोध की शुरुआत वर्ष 2012 में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से की थी। फुटवियर सोल की घिसाई और उसके पैटर्न का अध्ययन करते हुए उन्होंने व्यक्तित्व के सात अलग-अलग प्रकार विकसित किए। उनका दावा है कि लोगों के चप्पल या जूते के सोल पर पड़े घिसाई के पैटर्न का अध्ययन कर वे व्यक्ति के व्यक्तित्व से संबंधित जानकारी का आकलन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस शोध को आगे विकसित करने पर इसका उपयोग भविष्य में सीआईडी, रॉ, सेना और पुलिस जैसी जांच एवं सुरक्षा एजेंसियों के लिए उपयोगी हो सकता है। डिजाइन नंबर 505910-001 के पंजीकरण के साथ फुटवियर सोल का यह डिजाइन अब भारत सरकार के आधिकारिक डिजाइन रजिस्टर में दर्ज हो गया है। इसे फुटवियर क्षेत्र में डिजाइन आधारित शोध और नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।








