पटमदा एवं बोड़ाम में आंधी-तूफान का कहर, दर्जनों पेड़ उखड़ने से सड़कें बाधित, पुलिस को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत

बिजली व्यवस्था ध्वस्त, पॉली हाउस और मकान क्षतिग्रस्त, लाखों की संपत्ति तबाह
Patamda: सोमवार शाम करीब चार बजे के बाद पटमदा एवं बोड़ाम क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ली। करीब आधे घंटे तक चली तेज आंधी-तूफान और हल्की बारिश ने लोगों को उमस भरी भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई, लेकिन अपने पीछे भारी तबाही छोड़ गई। कई गांवों में पेड़, बिजली के खंभे और तार गिरने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। टाटा–पटमदा मुख्य सड़क पर भुईयांसिनान से ठनठनी घाटी के बीच सड़क किनारे लगे दर्जनों पेड़ उखड़कर गिर पड़े, जिससे सड़क का आधा हिस्सा अवरुद्ध हो गया। शाम के अंधेरे में जमशेदपुर मजदूरी कर से लौट रहे बाइक चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त भी हुए, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सूचना मिलने पर पटमदा थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता ने पेट्रोलिंग टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।स्थानीय ग्राम प्रधानों के सहयोग से देर शाम तक सड़क पर कुछ जगहों पर गिरे पेड़ों को हटाकर आवागमन सुगम कराया गया। जबकि धूसरा से पगदा के बीच कई जगहों पर पेड़ों को नहीं हटवा पाने से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और मुख्य सड़क पर दुर्पघटना का खतरा बना रहा। पटमदा के चुड़दा गांव में आंधी के दौरान आधा दर्जन से अधिक 11 हजार वोल्ट के बिजली खंभे तार समेत टूटकर गिर पड़े, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। किसान यदुनाथ गोराई के दो पॉली हाउस पूरी तरह नष्ट हो गए। उन्होंने बताया कि करीब 12 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। ये पॉली हाउस 75 प्रतिशत सरकारी अनुदान पर बनाए गए थे। इसके अलावा उनके पपीता बागान को भी भारी क्षति पहुंची है, जिससे करीब दो लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ है।
यदुनाथ गोराई ने बताया कि पिछले चार दशक में उन्होंने इतनी भीषण आंधी-तूफान नहीं देखा। उन्होंने इसकी सूचना जिला उद्यान पदाधिकारी को दे दी है। गोबरघुसी गांव में ट्रांसफॉर्मर सहित कई बिजली खंभे धराशायी हो गए। वहीं बोड़ाम प्रखंड के बेलडीह गांव में विनोद सिंह का कच्चा मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिससे वे अपने तीन बच्चों के साथ बेघर हो गए। बोड़ाम क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भी भारी नुकसान की सूचना है। बेलडीह मैन लाइन में 11 हजार वोल्ट का एक खंभा, बोड़ाम लैम्पस के पास एक एलटी पोल तथा पोखरिया गांव में एक एलटी पोल गिर गया। इसके अलावा आंधारझोर, चिरुडीह, पाकोटोड़ा और मुचीडीह गांवों में पेड़ गिरने से 11 हजार एवं एलटी बिजली तार टूट गए, जिससे विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आंधी-तूफान के बाद से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित है और लोग अंधेरे में रात बिताने को मजबूर हैं।

