पटमदा में भूमिज समाज की आमसभा, भाषा-संस्कृति और शिक्षा के संरक्षण का संकल्प
Patamda : पटमदा में भूमिज समाज की आमसभा का आयोजन कर समाज के उत्थान, संगठन की मजबूती तथा सामाजिक और आर्थिक विकास को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा और शिक्षा के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के आयोजन और मार्गदर्शन में पंचानन सिंह सरदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी भाषा, संस्कृति और शिक्षा से होती है। भूमिज समाज की ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक रीति-रिवाजों और नैतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी है। समाज के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर भी विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। आमसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कर्मा, सरहुल समेत अन्य पारंपरिक आदिवासी पर्वों को इस वर्ष अधिक संगठित और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। इसके माध्यम से समाज में आपसी भाईचारा, एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक में सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए राजकुमार सिंह को सरदार (घाटवाल) तथा मनोज कुमार सिंह को सक्रिय सहयोगी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
आमसभा में पंचानन सिंह, विजय कुमार सिंह, देवेंद्र नाथ सिंह, परमेश्वर सिंह, गोपाल सिंह, गणेश सिंह, प्रफुल्ल सिंह, लालू सिंह, त्रिशंकु सिंह, नरेंद्र सिंह, बंशी माधव सिंह, कृष्ण सिंह, उमापद सिंह, शेर सिंह, परमेश्वर सिंह, विश्वनाथ सिंह, दीपक कुमार सिंह, मकर सिंह, धनंजय सिंह, उत्तम सिंह, राजेश सिंह, जयंत सिंह और साधन सिंह समेत बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन एवं ग्रामीण उपस्थित थे।



