योग विज्ञान केंद्र दामोदरपुर में मनाई गई योगेश्वर शिवकुमार शास्त्री की 143वीं जयंती
Patamda: बोड़ाम के दामोदरपुर स्थित अखिल भूमंडलीय सर्व शिरोमणि मुनि समाज की शाखा योग विज्ञान केंद्र में रविवार को योगेश्वर शिवकुमार शास्त्री की 143वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर योग के महत्व, उसके गूढ़ रहस्यों और दैनिक जीवन में योगाभ्यास की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में योगी संतोष कुमार सिंह ने योग के गूढ़ रहस्यों और उसके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। वहीं, देव मुनि जी ने अपने योग अनुभव साझा करते हुए नियमित योगाभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला। अश्विनी मुनि ने अष्टांग योग के आठ चरणों—यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि—की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर व्यक्ति शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी प्राप्त कर सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और विचारों में संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से अनुशासन, एकाग्रता और मानसिक शांति को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, संयमित एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।












