पटमदा-बोड़ाम के गांवों में श्रद्धा के साथ हुई कोजागरी लक्खी पूजा
Patamda : शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार की दोपहर से देर रात तक पटमदा और बोड़ाम प्रखंड के विभिन्न गांवों में कोजागरी लक्खी (माता लक्ष्मी) की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। लक्ष्मी पूजा को लेकर बाजारों में चहल-पहल रही। पूजा स्थलों और आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। पटमदा के बेलटांड़ में सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा कमेटी की ओर से आयोजित पूजा में देर रात तक श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी की आराधना की। पूजा के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
जोड़सा गांव के सुबल चंद्र दास ने बताया कि मान्यता के अनुसार, कोजागरी पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी का अवतरण हुआ था। इस दिन मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि मां लक्ष्मी धन, धान्य, समृद्धि और सौभाग्य की प्रतीक हैं। हिंदू धर्म में उनकी पूजा केवल धन-धान्य की वृद्धि के लिए ही नहीं, बल्कि सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना से भी की जाती है।












