रसोइया नहीं पहुंची तो बच्चों ने संभाली मध्याह्न भोजन की जिम्मेदारी
जलावन की लकड़ी ढोने से लेकर सब्जी काटने तक में जुटे बच्चे, पढ़ाई हुई प्रभावित
Patamda: पटमदा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तुंगबुरु में गुरुवार को रसोइया के नहीं पहुंचने पर बच्चों से मध्याह्न भोजन तैयार कराने का मामला सामने आया। विद्यालय में नामांकित 36 बच्चों में कुछ बच्चे झाड़ियों से जलावन के लिए लकड़ियां ला रहे थे, जबकि कुछ रसोईघर में सब्जियां काट रहे थे। इस दौरान कुछ बच्चे विद्यालय परिसर के बाहर खेलते भी नजर आए। बताया गया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए गैस और जलावन की लकड़ी दोनों उपलब्ध हैं। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक साफीकुर रहमान कार्यालय में आवश्यक कार्य में व्यस्त थे। बच्चों से भोजन बनवाए जाने की जानकारी लेने पर उन्होंने बच्चों को डांटते हुए पूछा कि उन्हें भोजन बनाने के लिए किसने कहा।
उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि बच्चे अपने स्तर से लकड़ी लाने चले गए थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में 36 बच्चों के लिए केवल एक शिक्षक पदस्थापित हैं। रसोइयों के संबंध में उन्होंने कहा कि दो में से एक बैंक गई है, जबकि दूसरे के बारे में जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि रसोइया नहीं मिलने पर मध्याह्न भोजन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। मामले की जानकारी मिलने पर रास्ते से गुजर रहे ग्रामीण छुटुलाल हांसदा भी विद्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों से इस तरह का काम कराने की शिकायत पहले भी मिल चुकी है। उन्होंने प्रधानाध्यापक को व्यवस्था में सुधार की नसीहत दी। वहीं, समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) से की। डीएसई ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



