पटमदा में सोनम वांगचुक के समर्थन में निकली पैदल यात्रा, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की उठी मांग
Patamda : समाजसेवी एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में सोमवार को पटमदा प्रखंड के कांकीडीह से काटिन चौक तक एक शांतिपूर्ण पैदल यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। पैदल यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने जनजागरण करते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। पूरे कार्यक्रम का आयोजन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया गया।
कुमीर पंचायत के मुखिया दीपक कोड़ा मुदी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। यदि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा, तभी देश मजबूत और समृद्ध बन सकेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के हित, न्याय और पारदर्शिता की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीति से ऊपर है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार देता है और इसी भावना के साथ यह पदयात्रा आयोजित की गई।
राजेश कुम्भकार ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और समाज को ऐसे शांतिपूर्ण जनआंदोलनों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। इस अवसर पर उत्तम महतो, कृष्णपद महतो, गणेश कुम्भकार, नरेश महतो, गणेश सोरेन, जितेन्द्र मुर्मू, तपन महतो, सत्यनारायण कुम्भकार, चिरंजीत कुम्भकार, शिबू कुम्भकार, मंगल कुम्भकार, शुभजीत कुम्भकार सहित काफी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण वातावरण में किया गया।












