डिमना बांध विस्थापितों की लंबित समस्याओं पर बैठक, टाटा स्टील और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
Patamda : बोड़ाम प्रखंड के लायलम में सोमवार को डिमना बांध विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्राम प्रधान देवेन सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें विस्थापितों के लंबित अधिकार, जमीन पर कब्जे, रोजगार में प्राथमिकता और स्थानीय आदिवासी-मूलवासियों के हितों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में ग्राम प्रधान देवेन सिंह ने कहा कि विस्थापितों का आंदोलन दशकों से जारी है। अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय वार्ता निर्णायक स्थिति में पहुंचने के बावजूद अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इससे विस्थापितों में निराशा है। उन्होंने प्रशासन और टाटा स्टील पर समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि धान के खेतों में पानी जमा होने से किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है।
भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष मदन मोहन सोरेन ने आरोप लगाया कि टाटा स्टील ने रैयतों की सैकड़ों एकड़ जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने विस्थापितों और स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने तथा उनके जमीन संबंधी अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में सबलीज के माध्यम से विभिन्न समुदायों और कॉरपोरेट घरानों को जमीन आवंटित की गई, जबकि विस्थापितों और स्थानीय लोगों को इससे वंचित रखा गया। सरकार को आदिवासी-मूलवासियों के हित में ठोस नीति बनाकर लागू करनी चाहिए। उनके हितों की अनदेखी के बीच सबलीज की अवधि बढ़ाने का भी कोई औचित्य नहीं है।
बैठक में सर्वसम्मति से विस्थापितों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, जमीन का अधिकार सुनिश्चित करने और रोजगार के अवसरों में विस्थापितों एवं स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई। बैठक में प्रदीप कुमार सोरेन, सोहन सिंह, लव किशोर हांसदा, रवींद्र सिंह, सुधीर टुडू, हरि सिंह, मनसाराम सिंह, सावर्धन सिंह, भानु सिंह, दीपाली प्रमाणिक एवं मोहन सोरेन आदि उपस्थित थे।












